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मध्य प्रदेश में सरकार ने तय किए सरकारी मंदिर में पुजारी नियुक्ति के मानक

नई दिल्लीः मध्य प्रदेश में अब कोई मांस खाने वाला या शराब पीने वाला व्यक्ति को सरकारी मंदिर में पुजारी का पद नहीं मिल सकता। इसके अलावा आठवीं कक्षा पास होने के साथ ही पुजारी को पूजा विधि की प्रमाण-पत्र परीक्षा भी पास करनी होगी। ऐसा इसलिए हो सकेगा क्योंकि प्रदेश सरकार ने मंदिरों में पुजारियों की नियुक्ति के लिए मापदंड तय कर दिए हैं।

पुजारी के लिए बने ये नए मापदंड

  • राज्य सरकार के अध्यात्म विभाग ने पुजारियों की नियुक्ति, योग्यता, नियुक्ति की प्रक्रिया, उनके कर्तव्य, दायित्व, पद से हटाने और पद खाली होने पर व्यवस्था के संबंध में नियम बना लिए हैं।
  • पुजारी पद के लिए अनिवार्य नियम के तहत वही व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं जिनकी उम्र 18 साल है और उन्होंने कम से कम आठवीं कक्षा तक स्कूली शिक्षा ग्रहण की हो।
  • पुजारी के पद पर ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति की जाएगी, जो शुद्ध शाकाहारी हो, शराबी नहीं पीता हो और आपराधिक चरित्र का नहीं हो।
  • उसने पूजा विधि की प्रमाण-पत्र परीक्षा उत्तीर्ण की हो और उसे पूजा के विधि विधान का ज्ञान हो।
  • देवस्थान की जमीन पर अतिक्रमण या देवस्थान की अन्य संपत्ति को खुर्दबुर्द करने का दोषी नहीं हो।
  • पिता पुजारी होने की स्थिति में पुत्र और उसी वंश के आवेदक को अन्य सभी योग्यता पूरी करने पर वरीयता दी जाएगी।

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