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चुनाव 2019: असम में बांग्लाभाषियों को लुभाने की होड़

नई दिल्लीः असम में बांग्लादेश सीमा से लगे कछार जिले की सिलचर संसदीय सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव अभियान की शुरुआत की थी और वह यहां दो रैलियां कर चुके हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी यहां दौरा कर चुके हैं और प्रियंका गांधी ने यूपी से बाहर अपने पहले रोड शो के लिए सिलचर को ही चुना था। कांग्रेस—भाजपा में कड़े मुकाबले की गवाह रही इस सीट की अहमियत यहां शीर्ष नेताओं की सक्रियता से समझी जा सकती है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रहे संतोष मोहन देव ने इस सीट पर जीत की हैट्रिक लगाई थी। यह असम की पहली सीट है, जहां भाजपा वर्ष 1991 में ही जीत दर्ज कर चुकी है। उसके बाद कभी यह कांग्रेस के पाले में रही है, तो कभी भाजपा के। इलाके में अल्पसंख्यकों की खासी आबादी होने की वजह से बदरुद्दीन अजमल वाले ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की भी कुछ इलाकों में मजबूत पकड़ है। भाजपा नेता कबींद्र पुरकायस्थ वर्ष 1991, 1998 और 2009 में यहां से चुनाव जीत चुके हैं। वह अटल सरकार में मंत्री थे। वर्ष 2014 में संतोष मोहन देव की पुत्री सुष्मिता देव ने कांग्रेस के टिकट पर यह सीट जीती थी। इस बार वह इसे बचाने के लिए मैदान में हैं। भाजपा ने नए चेहरे राजदीप राय बंगाली को उतारा है।

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